सुषमा स्वराज की जीवनी - Sushma Swaraj Biography in Hindi


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सुषमा स्वराज जी इंदिरा गांधी जी के बाद भारत की दूसरी महिला हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा. ये एक राजनेता के साथ – साथ सुप्रीम कोर्ट की पूर्व वकील भी रह चुकी हैं. और सन 2014 से भारत की विदेश मंत्री के रूप में कार्य कर रही हैं. वे इंदिरा गाँधी के बाद कार्यकाल संभालने वाली दूसरी महिला है. सुषमा जी सबसे कम उम्र की हरियाणा की कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं. और साथ ही दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है.

भारतीय जनता पार्टी की सबसे मजबूत कड़ी में से एक और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का दिल्ली के एम्स में 67 साल की उम्र में निधन हो गया। सुषमा स्वराज को उनके नेतृत्व क्षमता और कार्य सैली के लिए हम सभी याद करेंगे, तो आइए एक नज़र डालते है सुषमा स्वराज के जीवनी पर।

परिचय जानकारी बिंदु (Introduction Points) परिचय (Introduction)
पूरा नाम (Name) सुषमा स्वराज
निक नाम (Nick Name) चिंकू स्वराज
पेशा (Profession) भारतीय राजनीतिज्ञ
राजनितिक पार्टी (Political Party) भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
जन्मतिथि (Birthdate) 14 फरवरी, 1952
उम्र (Age) 67 साल
जन्म स्थान (Birthplace) अंबाला कैंट, पंजाब, भारत
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
गृहनगर (Hometown) अंबाला, हरियाणा
धर्म (Religion) हिन्दू
जाति (Caste) ब्राह्मण
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित
नेट वर्थ (Net Worth) 6 करोड़
राशि (Zodiac Sign / Sun Sign) कुंभ
कद (Height) 4 फुट 11 इंच
वजन (Weight) 62 किलोग्राम
आँखों का रंग (Eye Colour) काला
बालों का रंग (Hair Colour) काला
पसंदीदा खाना (Favourite Food) गोलगप्पे, कचोरी, आलू पराठा
पसंदीदा राजनेता (Favourite Politician) अटल बिहारी वाजपेयी
मृत्यु  (Death) 6 अगस्त 2019

 

सुषमा स्वराज की जीवनी

शुरुआती जीवन और शिक्षा

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अम्बाला में श्री हरदेव शर्मा तथा श्रीमती लक्ष्मी देवी के घर हुआ था। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य रहे थे। उनके पूर्वज मूल रूप से लाहौर के धरमपुरा क्षेत्र के निवासी थे, जो अब पाकिस्तान में है।

सुषमा ने अम्बाला के सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत तथा राजनीति विज्ञान में स्नातक किया। साल 1970 में उन्हें अपने कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान से सम्मानित भी किया गया। सुषमा ने पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ से विधि की शिक्षा प्राप्त की, हरयाणा में ही एक स्टेट लेवल कम्पटीशन में उन्हें लगातार तीन वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ वक्ता का सम्मान मिला था।

पारिवारिक जीवन

13 जुलाई 1975 को सुषमा जी ने स्वराज कौशल के साथ शादी की, उन दिनों स्वराज कौशल जी भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक सहकर्मी और साथी वकील थे। इसके बाद कौशल जी छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे इसके अलावा वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं।

सुषमा स्वराज की एकमात्र बेटी बंसुरी स्वराज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक और इनर टेम्पल से बैरिस्टर है। वह दिल्ली उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक आपराधिक वकील हैं।

पिता का नाम (Father’s Name) हरदेव शर्मा
माता का नाम (Mother’s Name) श्री मति लक्ष्मी देवी
भाई का नाम (Brother’s Name) गुलशन शर्मा
बहन का नाम (Sister’s Name) वंदना शर्मा
पति का नाम (Husband’s Name ) स्वराज कौशल
बेटी का नाम (Daughter’s Name) बांसुरी स्वराज

 

राजनीतिक कैरियर

शुरुआती स्तर

सुषमा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ किया था, दरसल उनके पति स्वराज कौशल समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडीस के मित्र थे और साल 1975 में सुषमा स्वराज 1975 में जॉर्ज फर्नांडीस की कानूनी रक्षा टीम का हिस्सा बनीं।

जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में सुषमा ने सक्रिय रूप से भाग लिया। आपातकाल के बाद, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया और देखते ही देखते वह भाजपा की राष्ट्रीय नेता बन गईं।

राज्य स्तर

साल 1977 से 1982 तक हरियाणा विधानसभा की सदस्य रही, मात्र 25 साल की उम्र में उन्होंने अम्बाला छावनी विधानसभा सीट हासिल की, और फिर 1987 से 1990 तक विधानसभा की सदस्य रही। जुलाई 1977 में, उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवी लाल के नेतृत्व वाली जनता पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

साल 1979 में उन्हें जनता पार्टी (हरियाणा) के राज्य अध्यक्ष के रूप में चुना गया। साल 1987 से 1990 की अवधि के दौरान भारतीय जनता पार्टी-लोकदल गठबंधन सरकार में हरियाणा राज्य की शिक्षा मंत्री रही। अक्टूबर 1998 में उन्होंने दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

  • सुषमा स्वराज जी सन 1977 से 1982 तक हरियाणा विधानसभा की सदस्य रही थी.
  • 25 साल की उम्र में सुषमा जी ने अंबाला छावनी विधानसभा सीट हासिल कर ली थी. फिर वे दोबारा सन 1987 से 1990 तक विधानसभा की सदस्य बनी.
  • जुलाई सन 1977 में सुषमा जी ने हरियाणा में जनता पार्टी की सरकार में मजदूर और रोजगार विभाग में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. उस दौरान मुख्यमंत्री देवीलाल के नेतृत्व वाली सरकार थी.
  • सुषमा जी की उम्र उस समय केवल 27 साल की थी, जब वे इसी राज्य की बीजेपी की राज्य अध्यक्ष बनी.
  • इसके बाद सन 1987 से सन 1990 की अवधि के दौरान सुषमा जी भारतीय जनता पार्टी एवं लोक दल के गठबंधन वाली सरकार में हरियाणा की शिक्षा, खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री बनी.

 

राष्ट्रीय स्तर

अप्रैल 1990 में, उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में चुना गया और 1996 में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से 11 वीं लोकसभा के लिए चुने जाने तक वे वहीं रहीं। अप्रैल 1996 के चुनावों में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से 11 वीं लोकसभा के लिए सुषमा स्वराज को चुना गया था। वह 1996 में पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 13-दिवसीय सरकार के दौरान केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री थीं।

मार्च 1998 में उन्होंने दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव जीता, इस बार फिर से उन्होंने वाजपेयी सरकार में दूरसंचार मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में शपथ लिया।

19 मार्च 1998 से 12 अक्टूबर 1998 तक वह इस पद पर रही। इस अवधि के दौरान उनका सबसे उल्लेखनीय निर्णय फिल्म उद्योग को एक उद्योग के रूप में घोषित करना था, जिससे कि भारतीय फिल्म उद्योग को भी बैंक से क़र्ज़ मिल सकता था।

  • अप्रैल 1990 में, सुषमा जी राज्य सभा की सदस्य के लिए चुनी गई, और वे तब तक इसकी सदस्य बनी रही, जब तक कि वे सन 1996 में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से 11 वीं लोकसभा के लिए नहीं चुन ली गई.
  • सुषमा जी सन 1996 में पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण के लिए केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री थी. इसके ठीक 2 साल बाद 1998 में सुषमा जी को फिर से लोकसभा सदस्य के लिए चुना गया, इस बार उन्हें दूरसंचार मंत्रालय के अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार सौंपने के लिए शपथ दिलाई गई. इस अवधि के दौरान उनका सबसे उल्लेखनीय निर्णय फिल्म निर्माण को एक उद्योग के रूप में घोषित करना था, जिसने भारतीय फिल्म उद्योग को बैंक फाइनेंस के लिए योग्य बनाया. उन्होंने विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में सामुदायिक रेडियो शुरू किये.
  • सन 1998 का अक्टूबर माह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण समय था, जब वे दूसरी ऐसी महिला बनी जोकि दिल्ली की मुख्यमंत्री नियुक्त हुई. जिसके चलते उन्होंने केन्द्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. हालाँकि उस दौरान हरियाणा में भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई थी. फिर बाद में उन्होंने पूरी तरह से अपनी विधानसभा सीट छोड़ते हुए, राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में लौटने का फैसला किया.
  • अगले साल 1999 में सितंबर में सुषमा जी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के बेल्लारी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव में खड़ी हुई, यहाँ उनकी विरोधी सोनिया गाँधी जी थीं. उस समय सुषमा स्वराज जी ने स्थानीय कन्नड़ भाषा में जनसभाओं को संबोधित किया. हालाँकि वे इस चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाई थी.
  • सन 2000 से सन 2006 तक सुषमा जी यूपी की राज्यसभा सदस्य के रूप में सांसद बनी, और इस तरह से उन्होंने फिर से राज्य स्तर की राजनीति की तरफ अपना रुख किया. उन दौरान भी वे सूचना और प्रसारण मंत्री बनी और इस पद पर वे सन 2003 तक कार्यरत थी.
  • सन 2003 से 2004 तक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और संसदीय मंत्री बनी. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्होंने एमपी के भोपाल में, ओडिशा के भुवनेश्वर में, राजस्थान के जोधपुर में, बिहार के पटना में, छत्तीसगढ़ के रायपुर में और उत्तराखंड के ऋषिकेश आदि में 6 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संसथान स्थापित किये.
  • सुषमा स्वराज जी यूपी से राज्यसभा सांसद बनने के बाद अगले 3 साल एमपी से राज्यसभा में अपने तीसरे कार्यकाल के लिए संसद की सदस्य बनी. अतः सुषमा जी सन 2009 तक राज्यसभा की सांसद बनी रही.
  • सुषमा जी सन 2009 में एमपी के विदिशा लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा की सदस्य बनी. उसी साल दिसम्बर में उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी के स्थान पर लोकसभा में विपक्ष की नेता के रूप में बागडोर संभाली. मई सन 2014 तक वे लोकसभा सदस्य के पद पर कार्यरत थी. उस समय के आम चुनाव में उनकी पार्टी की यह बहुत बड़ी जीत थी.
  • मई 2014 में, नरेंद्र मोदी जी के सत्ता में आने के बाद सुषमा स्वराज जी फिर लोकसभा की सदस्य बनी और उन्हें विदेश नीति को लागू करने के लिए कमान सौंपी गई. अतः उन्हें विदेश मंत्री नियुक्त किया गया. वे इंदिरा गाँधी जी के बाद इस पद को सँभालने वाली दूसरी महिला बनी.

 

आसीन पद

  • 1977–82 हरियाणा विधान सभा की सदस्य निर्वाचित 
  • 1977–79 हरियाणा सरकार में श्रम एवं रोजगार मन्त्री बनीं 
  • 1987–90 हरियाणा विधान सभा की सदस्य निर्वाचित
  • 1987–90 मन्त्रिमण्डल सदस्य, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, हरियाणा सरकार।
  • 1990–96 राज्य सभा में चुनी गयीं (प्रथम अवधि)
  • 1996–97 [15 मई 1996 – 4 दिसम्बर 1997] सदस्य, ११वीं लोक सभा (द्वितीय अवधि)
  • 1996 [16 मई – 1 जून] – केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल, सूचना एवं प्रसारण मन्त्री
  • 1998–99 [10 मार्च 1998 – 26 अप्रैल 1999] सदस्य, १२वीं लोक सभा (तृतीय अवधि)
  • 1998 [19 मार्च – 12 अक्तूबर] केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल, सूचना एवं प्रसारण तथा दूरसंचार मंत्री (अतिरिक्त प्रभार)
  • 1998 [13 अक्तूबर – 3 दिसम्बर] दिल्ली के मुख्य मंत्री
  • 1998 [नवम्बर] – दिल्ली विधान सभा के हौज खास निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित। दिल्ली विधान सभा सीट से त्यागपत्र दिया और लोक सभा सीट जारी रखी
  • 2000–06 राज्य सभा सदस्य (चतुर्थ अवधि)
  • 2000–03 [30 सितम्बर 2000 – 29 जनवरी 2003] सूचना एवं प्रसारण मन्त्री
  • 2003–04 [29 जनवरी 2003 – 22 मई 2004] स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री एवं संसदीय विषयों की मन्त्री
  • 2006–09 [अप्रैल 2006 -2009] सदस्य, राज्य सभा (पंचम अवधि)
  • 2009–14 [16 मई 2009 – 18 मई 2014] सदस्य, 15वीं लोक सभा (छठी अवधि)
  • 2009-09 [3 जून 2009 – 21 दिसम्बर 2009] लोकसभा में विपक्ष के उप नेता
  • 2009–14 [21 दिसम्बर 2009 – 18 मई 2014] विपक्ष के नेता एवं लाल कृष्ण आडवाणी का स्थान लिया
  • 2014–19 [26 मई 2014–24 मई 2019] सदस्य, 16वीं लोक सभा (सातवीं अवधि)
  • 2014–19 [26 मई 2014–24 मई 2019] विदेश मंत्री, केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल

उपलब्धियां

  • साल 1977 में मात्र 25 साल की उम्र में देश की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं,
  • भारत में एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनी,
  • भाजपा की प्रथम महिला मुख्य मंत्री, केन्द्रीय मन्त्री, महासचिव, प्रवक्ता, विपक्ष की नेता एवं विदेश मंत्री बनीं।
  • दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी,
  • उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार से सम्मानित भारतीय संसद की पहली और एकमात्र महिला सांसद।

सुषमा स्वराज विवाद (Controversies)

सुषमा स्वराज जी को कुछ विवादों में भी घिरा हुआ देखा गया है –

  • सन 2011 में जब सुषमा स्वराज जी विपक्ष की नेता थी, उस समय एक विवाद खड़ा हुआ, जब महात्मा गाँधी जी की समाधि पर उनके नाचने के दृश्य देखे गये. राजघाट पर हुए इस विरोध प्रदर्शन को टेलीविज़न चैनलों पर प्रसरित किया गया था. दूसरी ओर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की, हालाँकि सुषमा स्वराज ने अपने द्वारा किये इस कृत्य के बचाव में कहा कि वह पार्टी की परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए और कैडर का मनोबल बढ़ाने के लिए देशभक्ति के गीतों की धुन पर नाच रही थीं.
  • सुषमा स्वराज जी तत्कालिक एनडीए सरकार की कैबिनेट में विदेश मंत्री बनी, उस दौरान एक बार उन्होंने ललित मोदी को ‘मानवीय आधार’ पर पुर्तगाल की यात्रा करने के लिए वीज़ा प्रदान करने में मदद की और उन्होंने इस बात को स्वीकार भी किया था, जिसके कारण वे इस विवाद का केंद्र बनी. ललित मोदी आईपीएल के पूर्व प्रमुख हैं जिसे भारतीय भगोड़ा कहा गया था. जोकि पुर्तगाल में अपनी पत्नी की सर्जरी के लिए सन 2010 से ब्रिटेन में रह रहा था. इस विवाद में भारतीय जनता पार्टी सुषमा जी का समर्थन कर रही थी, वहीं कांग्रेस ने उनसे इस्तीफे की मांग की. इस तरह यह विवाद काफी बड़ा हो गया था.  

 

सम्मान और पुरस्कार

  • साल 2008 और 2010 में सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार, उत्कृष्ट संसदीय पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली और एकमात्र महिला सांसद।

निधन

  • 6 अगस्त 2019 को दिल का दौरा पड़ने के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया।

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